Aatmanirbhar Bharat Kya Hai? आत्मनिर्भर भारत अभियान पर निबंध

Aatmanirbhar Bharat par Nibandh

अभी कुछ दिनों से आप सभी ने ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ के बारे में कहीं-न-कहीं जरुर सुना होगा। दरअसल, कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान अर्थव्यवस्था में जो गिरावट आयी है, उसे रोकने और आपका को अवसर में बदलने के लिए यह अभियान शुरू किया गया है। और आज हम आत्मनिर्भर भारत पर निबंध के माध्यम से … Read more

वीरगाथाकाल का समय और विशेषताएँ: आदिकाल की पृष्ठभूमि और परिस्थितियाँ

Veergatha Kaal

वीरगाथाकाल को आदिकाल या सिद्ध-सामंत काल भी कहा जाता है। इस काल का समय सं. 1000 से 1375 या 943 ई. से 1318 ई. माना गया है। और आज हम वीरगाथाकाल का समय, पृष्ठभूमि, परिस्थितियाँ और विशेषताओं के बारे में बात करने वाले हैं। भारतीय इतिहास का यह युग राजनीतिक दृष्टि से गृह-कलह, पराजय एवं … Read more

आधुनिक काल किसे कहते हैं? समय-सीमा, पृष्ठभूमि, परिस्थितियाँ और प्रमुख विशेषताएँ

Aadhunik Kal

हिन्दी साहित्य में आधुनिक काल को गद्यविकास काल या जागरण काल भी कहा गया है। इसका समय वि. सं. 1900 से आजतक या 1843 ई. से आजतक माना गया है। मुगल-साम्राज्य के पतन से ही इसका आरम्भ माना गया है। और आज हम आधुनिक काल का परिचय, समय-सीमा, पृष्ठभूमि, परिस्थियाँ और प्रमुख विशेषताएँ बात करने … Read more

राष्ट्रभाषा हिंदी का महत्व पर निबंध: राष्ट्रभाषा के रूप में हिन्दी की विशेषता और उपयोगिता

Rashtrabhasha Hindi par Nibandh

वैसे तो भारत देश में कई भाषाएँ बोली जाती हैं, लेकिन सबसे प्रमुख है हिन्दी। इस विषय पर कई लोगों के अपने-अपने अलग मत हैं कि हिन्दी राष्ट्रभाषा है या नहीं। और आज हम राष्ट्रभाषा हिंदी का महत्त्व पर निबंध के ज़रिए इसकी विशेषता और उपयोगिता के बारे में चर्चा करेंगे। राष्ट्रभाषा हिन्दी का इतिहास … Read more

एकांकी किसे कहते हैं? एकांकी और नाटक में अंतर क्या है?

Ekanki Kise Kahte Hai

रंगमंच पर आपने कई नाटक देखे होंगे। अब नाटक भी अलग-अलग तरह के होते हैं, और एकांकी भी एक तरह का नाटक ही है। और आज हम इसी के बारे में विस्तार से बात करेंगे कि एकांकी किसे कहते हैं? एकांकी और नाटक में अंतर क्या होता है, और एकांकी की विशेषताएँ क्या-क्या हैं? सबसे … Read more

नाटक किसे कहते हैं? नाटक के प्रमुख तत्त्व और विशेषता

Natak Kise Kahte Hai

आप सभी ने नाटक ज़रूर देखा होगा। अभिनय के माध्यम से समाज एवं व्यक्ति के चरित्रों का प्रदर्शन ही ‘नाटक’ कहलाता है। यह दृश्य काव्य के अंतर्गत आता है जो रंगमंच का विषय है। इसका उद्देश्य शिक्षण और मनोरंजन के साथ-साथ मानवीय संवेदना, समस्या एवं समाज के यथार्थ का चित्रण करना है। और आज हम … Read more

हिंदी कहानी का उद्भव और विकास: पुरानी और नयी कहानी का इतिहास

Hindi Kahani ka Udbhav aur Vikas

कहानियाँ तो आप सभी ने सुनी होंगी, लेकिन क्या आपको पता है कि हिन्दी साहित्य में ‘कहानी’ पूरा एक महत्त्वपूर्ण भाग है। और आज हम हिन्दी कहानी के उद्भव और विकास के बारे में तो बात करेंगे ही, साथी ही अलग-अलग कहानीकार के समय की स्थितियाँ भी जानेंगे कि हिन्दी कहानी का इतिहास क्या है? … Read more

रीतिकाल की प्रमुख विशेषताएँ, रचनाएँ और प्रवृत्तियाँ: रीतिकाल क्या है?

रीतिकाल की प्रमुख विशेषताएँ

आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने हिंदी साहित्य के इतिहास को चार भागों में विभाजित किया है- वीरगाथाकाल, भक्तिकाल, रितिकाल तथा आधुनिक काल। और आज हम रीतिकालीन काव्यों की प्रमुख विशेषताएँ, रचनाएँ और प्रवृत्तियों के बारे में बात करेंगे, जो हिंदी साहित्य के इतिहास के विभाजन के अनुसार संवत् 1700 से 1900 तक का समय रीतिकाल में … Read more

भक्ति काल किसे कहते हैं? स्वर्ण-युग भक्तिकाल का समय, विभाजन, प्रमुख कवि और विशेषताएँ

Bhaktikaal Kya Hai

हिन्दी साहित्य में आपने कई तरह के काल के बारे में सुना होगा, जैसे भक्तिकाल, रीतिकाल, आदि। दरअसल, आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने हिंदी साहित्य के इतिहास को चार भागों में विभाजित किया है- वीरगाथाकाल, भक्तिकाल, रितिकाल तथा आधुनिक काल। और आज हम हिंदी साहित्य के स्वर्ण युग, भक्तिकाल का समय, विभाजन, प्रमुख कवि और विशेषताएँ के … Read more

हज़ारी प्रसाद द्विवेदी का साहित्यिक परिचय: प्रमुख रचनाएँ, निबंध कला और आलोचना दृष्टि

Hazari Prasad Dwivedi Sahityik Parichay

डॉ. हज़ारी प्रसाद द्विवेदी आधुनिक हिंदी साहित्य के शलाका पुरुष हैं। उन्होंने हिंदी गद्य साहित्य की अनेक विधाओं का भंडार भरा है। द्विवेदी जी संस्कृत और हिंदी के प्रकांड पंडित थे। वे अंग्रेजी भाषा एवं साहित्य के भी अधीत जानकार थे। आज का यह लेख हज़ारी प्रसाद द्विवेदी का साहित्यिक परिचय है, जहाँ हम इनकी … Read more

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