मैंने देखा एक बूँद की व्याख्या, कविता, सारांश, भावार्थ, सप्रसंग व्याख्या

Maine Dekha ek Boond Kavita Vyakhya

मैंने देखा एक बूँद कविता में कवि सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ ने बूँद के माध्यम से मानव-जीवन के एक-एक क्षण को महत्त्वपूर्ण एक सार्थक बताया है। इस कविता में अज्ञेय जी ने समुद्र से अलग प्रतीत होती बूँद की क्षणभंगुरता को व्याख्यायित किया है। कवि देखते हैं कि बूँद क्षणभर के लिए ढलते सूरज की …

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गीत गाने दो मुझे कविता की व्याख्या, भावार्थ, सारांश (सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’)

गीत गाने दो मुझे कविता की व्याख्या

सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ जी की प्रेरक रचना ‘गीत गाने दो मुझे‘ दुःख को भुलाकर सुख की आशा बनाए रखने का संदेश देती है। विषम परिस्थितियों में भी जीवन संघर्ष करते हुए आशा के सहारे निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देने वाली कविता है। आइए जानते हैं गीत गाने दो मुझे कविता की सप्रसंग व्याख्या, भावार्थ …

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