प्राचीन भारतीय इतिहास जानने के स्रोत: प्राचीन भारतीय इतिहास के साहित्यिक स्रोत, पुरातात्विक स्रोत

Prachin Bhartiya Itihas Janne ke Srot

प्राचीन भारत के ऐतिहासिक घटनाओं, ऋग्वैदिक काल, प्रागैतिहासिक काल तथा प्राचीन भारतीय सभ्यता और संस्कृति की जानकारी प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोतों से प्राप्त होती है. अब आपके मन में सवाल होगा कि प्राचीन भारतीय इतिहास जानने के स्रोत कौन-कौन से हैं? तो आज मैं आपसे प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोतों के बारे में बात …

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गुप्तकाल को स्वर्णयुग क्यों कहा जाता है? स्वर्णयुग किसे कहते हैं? गुप्तकाल की विशेषताएँ

guptkal ko svarnyug kyo kaha jata hai

आपको मालूम होगा कि स्वर्ण का मतलब ‘सोना‘ होता है और युग का मतलब काल या समय होता है. यानि स्वर्णयुग उस युग को कहते हैं जो सोने की तरह मूल्यवान होता है. इतिहासकारों ने गुप्तकाल को स्वर्णयुग कहा है. अब आपके मन में सवाल होगा कि आखिर गुप्तकाल में ऐसा किया हुआ था. जिससे …

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मौर्य साम्राज्य का पतन कैसे हुआ? मौर्य साम्राज्य के पतन का कारण: Maurya Empire History in Hindi

Maurya samrajya ka Patan Kaise Hua

आप सुने होंगे कि मौर्य साम्राज्य एक विशाल साम्राज्य था, जिसकी स्थापना चन्द्रगुप्त मौर्य किये थे. जो मगध राज्य में गंगा नदी के मैदानों (जो आज का बिहार और बंगाल) से शुरु हुआ था, जिसकी राजधानी पाटलिपुत्र थी. लेकिन सम्राट अशोक की मृत्यु के बाद इस विशाल मौर्य साम्राज्य का पतन होना शुरू हो गया. …

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महावीर स्वामी का जीवन परिचय: महावीर स्वामी का जन्म, मृत्यु: Mahavir Swami History in Hindi

Mahavir swami ka Jivan Parichay

जैन धर्म के संस्थापक एवं पहले तीर्थकर ऋषभदेव थे और महावीर स्वामी जैन धर्म के 24वें तीर्थकर थे. महावीर स्वामी जैन धर्म के संस्थापक नहीं थे, लेकिन वे पहले से स्थापित धर्म जैन धर्म के सुधारक थे. इनका बचपन का नाम वर्द्धमान था. तो आज मैं आपसे महावीर स्वामी की जीवन परिचय के बारे में …

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राजा राम मोहन रॉय के विचार: राजा राम मोहन रॉय का जीवन परिचय: राजा राममोहन राय पर निबंध

Raja Rammohan Roy ke Vichar

भारतीय पुनर्जागरण का अग्रदूत और आधुनिक भारत का जनक राजा राम मोहन राय को कहा जाता है. धर्मगत रुढियों, अंधविश्वासों तथा सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिएइनका  राजा राम मोहन राय द्वारा विभिन्न सामाजिक और धार्मिक आन्दोलन चलाये गए. उन आन्दोलनों में राजा राममोहन राय द्वारा स्थापित ‘ब्रह्म समाज’ अग्रणीय स्थान रखता है. तो …

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