लोक नृत्य क्या होता है? भारत के राज्य और लोक नृत्य की सूची

देश के अलग-अलग क्षेत्र में जिस तरह अलग-अलग लोक गीत हैं, उसी तरह लोक नृत्य भी हैं। भारत अपने विविध लोक नृत्यों के लिए विख्यात है। लोक नृत्य वास्तव में संस्कृति की ही अभिव्यक्ति है। शरीर की चल, चेहरे की भाव भंगिमाएँ, वस्त्र, आभूषण, सजावट आदि लोक नृत्य के साथ अभिन्न रूप से जुड़े हैं। आज हम इसी के बारे में बात करेंगे कि लोक नृत्य क्या होता है? भारत के राज्यों के प्रसिद्ध लोक नृत्य कौन-कौन से हैं?

लोक नृत्य क्या होता है?

प्रत्येक क्षेत्र अपने विशिष्ट प्रकार के लोक नृत्यों (Folk Dances) का अभ्यास करता है। लगभग प्रत्येक अवसरों पर जैसे- मौसम के आगमन, बच्चे के जन्म, विवाह या अन्य बहुत सारे त्योहारों को मनाने के लिए लोक नृत्यों का प्रदर्शन किया जाता है। कम से कम कदम और चाल के साथ लोक नृत्य अत्यंत सरल हैं।

भारतीय लोक नृत्य ऊर्जा से भरपूर हैं। कुछ लोक नृत्य में पुरुष व महिला अलग-अलग नृत्य करते हैं, जबकि कुछ में एक साथ। अधिकतर नृत्य में कलाकार स्वयं ही गाते हैं बस कुछ लोग वाद्य यंत्र के साथ उनका सहयोग करते हैं। प्रत्येक प्रकार के लोक नृत्य की एक विशेष वेश-भूषा और लय है। ज़्यादातर लोक नृत्यों में आभूषणों और विशिष्ट आकृतियों के साथ रंग-बिरंगे परिधान होते हैं।

लोक नृत्य की विशेषताएँ 

  • लोक नृत्य किनहिन विशिष्ट लोगों या विशेष क्षेत्र के प्रसिद्ध नृत्य है।
  • लोक नृत्य वास्तव में संस्कृति की अभिव्यक्ति हैं।
  • लोक नृत्यों की उत्पति किसी विशिष्ट क्षेत्र या लोगों के बीच उनके रीति-रिवाजों के एक अंग के रूप में हुई।
  • वह एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को हस्तांतरित किए जाते हैं।
  • यह चाल के किसी विशिष्ट प्रतिरूप में सामान्य लय का प्रयोग करते हुए किए जाते हैं।
  • यह आनंद और प्रसन्नता को अभिव्यक्त करने वाले सरल नृत्य हैं।
  • शरीर की चाल, चेहरे की भाव-भंगिमाएँ, वेशभूषा, आभूषण, सजावट आदि लोक नृत्य के अभिन्न अंग हैं।

भारत के राज्य और उनके लोक नृत्य

अरुणाचल प्रदेश: बारदो छम 

असम: बिहू, बाग़ुखम्बा, भोरताल, झुमुर, खेल, गोपाल, रखाल लीला, तबल चोंगली, कैनो, नोगक्रेम, अंकिया नट, किर्तनिया नाटक और ओजापली 

बिहार: जादुर, कठपुतली, माको, झिझिया, करमा, जातरा, नटना, विदेसिया, सेंकेलाछऊ, जाट-जटनी, विदपदा और रामखेलिया।

छत्तीसगढ़: राउत नाचा 

गुजरात: डांडिया, भवई, गरबा, टिप्पणी, पधार, डांशी नृत्य, हूडो, मटुक़दी, अगवा और पिद्दी धमाल 

हरियाणा: स्वाँग, नक्कल, रासलीला, धमाल, मंजीरा और गोगा नृत्य 

हिमाचल प्रदेश: नटी, करियाला, भगत, रास, और हरनाझा हरण यह हरिण।

जम्मू और कश्मीर: भांड पाथर या भांड लाशना, रउफ और बेताल धमाल।

कर्नाटक: यक्षगान, बेदारा वेश, डोल्लू धुनिया, सांता, दद्दाला बयालता, ताल मद्दलद्या प्रसंग, दसराता, राधना और वीरागेस।

केरल: डुफमुट्डू, ओप्पना, पदयानी, थेयम, कोडियाट्टम, मग्मि काली, पुली काली, थिरायट्टम, चैविट्डू नडकम्र टिटाभू और चाक्यार कूधू।

मध्य प्रदेश: मांच, नाचा, फूल पत्ती, राई, तेरताली और कीदा।

महाराष्ट्र: तरफ़ा नाच, तमाशा, ललित मरूद, गोंदा, दशावतार, तथानी और कोली नृत्य।

मेघालय: शद सुकमायसेम, शद नोंगक्रेम, डेरोगाटा, घेपु मुआ और लाहो।

नागालैंड: चांग लो (सुआ भुआ)

उड़ीसा: पाल जातरा, दसकठिया, मयूरभंज छऊ, मंगल रास, सोवांग, संबलपुरी (दलखई, रसरकेली) और पर्बा।

पंजाब: नक्कल, स्वाँग और भांगड़ा।

राजस्थान: ख़्याल, रसधारी, तुर्का किलंगी, गौरी, घूमर, नौटंकी, हमतारी और कालबेलिया।

आंध्र प्रदेश: कीथी नाटकम, बुर्राकथा, लंबड़ी और केया।

तमिलनाडु: मेरुकुट्टू, वीथी नाटकम, भगवत् मेला नाटकम, क़ुर्बा जी, पागल वशम और कवाहि चिन्दू।

तेलंगाना: बथुकम्मा 

उत्तर प्रदेश: भगत, सांग-स्वाँग, नक्कल, मयूर नृत्य और चारुकला।

उत्तराखंड: हथेलिया

गोवा: पुगाड़ी, दशावतार, मेरनी जगात, मुसल खेल, समई नृत्य, गोंफ नृत्य, देखनी, कुंबी नृत्य, छोड़ मोड़नी, घालो, टोन्या मेल और तलगाड़ी।

पश्चिम बंगाल: छऊ (पुरूलिया) और संथाली।

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