E-Way Bill Kaise Banaye? ई-वे बिल कैसे निकाला जाता है? पूरी जानकारी

पुरे देश में GST के लागू हो जाने के बाद वस्तुओं के supply के लिए एक राज्य से दुसरे राज्य में transport permit के स्वरूप में भी बदलाव किया गया है। अब इसे नए रूप में E-way Bill कहा जाता है यानि इलेक्ट्रॉनिक स्वरूप में परमिट बनवाना। और आज हम इसी के बारे में बात करेंगे कि E-Way Bill Kya Hota Hai? ई-वे बिल कैसे निकाला जाता है?

e-Way Bill Kya Hai?

e-Way Bill किसी भी उत्पाद को राज्य के अन्दर या बाहर ले जाने के लिए transport permit का एक डॉक्युमेंट होता है, जो सभी GST registered लोगों को बनवाना ही होगा अगर वे 50,000 रुपए से अधिक की वैल्यू का सामान ट्रांसपोर्ट कर रहे हैं।

सामानों की ढुलाई (transportation of goods) एक राज्य से दुसरे राज्य में हो या एक ही राज्य के अन्दर एक स्थान से दुसरे स्थान पर हो; तो पहले सरकार को Online Registration करके बताना होगा और इसके लिए E-way Bill Generate करना अनिवार्य हो गया है।

  • जिस वस्तु की ढुलाई हो रही है अगर उसकी कीमत 50 हजार से अधिक है तो उसके ट्रांसपोर्ट के लिए E-way Bill जेनरेट करना अनिवार्य है।
  • E-way Bill में दूरी के अनुसार दिन भी निर्धारित किया गया है. 100 किमी की दूरी तय करने के लिए एक दिन की सीमा तय की गयी है।
  • इसके बाद प्रत्येक 100 किमी की दुरी तय करने पर एक-एक दिन की समय-सीमा बढती जाएगी. यानि 101 से 200 किमी की दूरी के लिए दो दिन, 201 से 300 किमी की दूरी के लिए तीन दिन आदि।

E-way Bill Kaise Banaye?

ई-वे बिल बनवाने के लिए सबसे पहले E-way Bill Web Portal पर registration करना होगा। अगर आपके पास GST है, तो आपको अपना GSTN डालकर पहले वेरिफ़ाई करना होगा। और अगर आपके पास GST नहीं है, तो आप अपने PAN Card के द्वारा भी रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। आपके पैन कार्ड से जो मोबाइल नम्बर पंजीकृत है, उसमें OTP आएगा, वो डालने के बाद आप अपना User ID और Password बना सकते हैं।

अब आपको E-way Bill Generate करने के लिए E-way Bill User ID & Password मिल गया है। अब ई-वे बिल बनाने के लिए जो online form उपलब्ध कराये गये हैं, वह दो हिस्सों में बंटा होता है।

पहला हिस्सा Part-A के नाम से जाना जाता है। इसमें सप्लायर व प्राप्तकर्ता की पूरी जानकारी, ढुलाई की जानेवाली वास्तु का मूल्य, कहाँ से कहाँ तक ढुलाई की जाएगी एवं ट्रांसपोर्ट के साथ जो दस्तावेज दिए जाएंगे उसकी पूरी जानकारी देनी होती है। वहीं दुसरे हिस्से को Part-B कहा जाता है। इसमें सामान की ढुलाई के लिए तय किए गए वाहन की जानकारी देनी होती है।

ई-वे बिल कैसे निकाला जाता है?

GST लागू हो जाने के बाद इस दौर में सामान की ढुलाई शुरू होने के पहले ही E-way Bill Generate करना अनिवार्य है। इसमें अलग-अलग प्रावधान दिए गए हैं कि किस परिस्थिति में Kaun E-way Bill Generate Karega?

  • अगर सामान की सप्लाई बिक्री करने के लिए हो रही है और सामान की कीमत 50 हज़ार से अधिक है, तो supplier, transporter या प्राप्तकर्ता कोई भी E-way Bill Generate कर सकता है।
  • किसी अन्य कारण से सामन की ढुलाई के समय अगर सामान की कीमत 50 हज़ार से अधिक है, तो भी supplier, transporter या recipient में से कोई भी ई-वे बिल बना सकता है।
  • गैर-पंजीकृत सप्लायर से पंजीकृत प्राप्तकर्ता तक ढुलाई के समय अगर सामान की कीमत 50 हज़ार से अधिक है, तो पंजीकृत प्राप्तकर्ता ही E-way Bill Generate कर सकता है।
  • गैरपंजीकृत सप्लायर से गैरपंजीकृत प्राप्तकर्ता की स्थिति में किसी भी कीमत की वस्तु पर गैरपंजीकृत सप्लायर या ट्रांसपोर्टर को ई-वे बिल जेनरेट करना होता है।
  • Handicraft सामानों का inter-state transfer की स्थिति में किसी भी कीमत की वस्तु पर हेंडीक्राफ्ट सप्लायर को E-way Bill Generate करना होगा।
इसे भी पढ़ें: Direct Benefit Transfer Kya Hai?

Leave a Comment

error: Content is protected !!